राजस्थान का 7 वाँ वित्त आयोग ➡️ 01 अगस्त, 2025 को राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के 7 वें वित्त आयोग के गठन की घोषणा की गई। ➡️ • 7 वें वित्त आयोग के अध्यक्षः अरुण चतुर्वेदी । ➡️ • अरुण चतुर्वेदी पूर्व कैबिनेट मंत्री है तथा राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं। ➡️ 7 वें वित्त आयोग के सदस्य सचिव: रिटायर्ड आईएएस नरेश ठकराल । ➡️ आयोग के अध्यक्ष और सदस्य सचिव 01 अगस्त, 2025 से डेढ़ वर्ष की कालावधि के लिए पद धारण करेंगे। ➡️ 6th राज्य वित्त आयोगः अध्यक्ष: प्रद्युम्न सिंह • सदस्य : डॉ. लक्ष्मण सिंह रावत ➡️ 5 राज्य वित्त आयोगः अध्यक्ष - ज्योति किरण शुक्ला ➡️ 4 राज्य वित्त आयोगः अध्यक्ष - BD कल्ला ➡️ 3 राज्य वित्त आयोगः अध्यक्ष - मानिक चंद सुराणा ➡️2 राज्य वित्त आयोगः अध्यक्ष - हीरालाल देवपुरा ➡️ 1 राज्य वित्त आयोगः अध्यक्ष - kk गोयल ➡️ राज्य वित्त आयोग का गठन सविधान के ARTICAL 243i मे पंचायत ...
विकसित राजस्थान -2047 कार्य योजना ➡️ ‘विकसित राजस्थान-2047 कार्ययोजना' का विमोचन 13 अक्टूबर, 2025 को जयपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया गया। ➡️ इसे राज्य मंत्रिमंडल ने 23 अगस्त, 2025 को अनुमोदित किया था । ➡️ राजस्थान सरकार द्वारा तैयार यह कार्ययोजना राज्य को वर्ष 2047 तक एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है। ➡️ यह योजना राष्ट्रीय लक्ष्य 'विकसित भारत @2047' के अनुरूप है। ➡️ इसमें नीति आयोग, राजस्थान योजना आयोग, और राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशनल एंड इनोवेशन (RIT) जैसी संस्थाओं ने भी योगदान दिया है। ➡️ विकसित राजस्थान2047 कार्ययोजना चार प्रमुख थीम्स :- जनकल्याण, त्वरित विकास, भविष्य उन्मुख राजस्थान और संवर्धक नीति - पर आधारित है ➡️ इसमें 13 प्रमुख सेक्टरों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। ➡️ कार्ययोजना में वर्ष 2047 तक के लिए कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं- अर्थव्यवस्था -₹ 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना रोजगार - 1 करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष और अ...
राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना वित्त पॉसित = AFD (Agence Française de development) फ्रांस शुरुआत =अप्रैल 2023 लागत - 1683.91 करोड़ जिसमे 1185 184. AED तथा शेष 508.63 करोड़ राजस्थान सरकार 800 गावों हेतू गतिविधिया शामिल यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में लागू की जा रही है, जिसमें वनीकरण, मृदा और जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, गरीबी उन्मूलन और आजीविका सुधार जैसे विभिन्न कार्य शामिल हैं। परियोजना में समुदाय की भागीदारी, जागरूकता पैदा करना, टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देना, क्षमता निर्माण और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निगरानी शामिल है। परियोजना के मुख्य घटक हैं: वन संसाधनों का संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन पूर्वी राजस्थान के प्राकृतिक वनों की सुरक्षा और विकास करना। जैव विविधता संरक्षण संरक्षित क्षेत्रों का विकास करना और क्षीण वनों का पुनरुद्धार करना। समुदाय की भागीदारी स्थानीय समुदायों को शामिल करना और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाना। पर्यावरण जागरूकता पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूकता पैदा करना।...
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